Mar 13, 2018

मुंबई से लौट रहे हैं 30 हजार किसान, रेलवे बना अन्नदाताओं का 'हमसफर'

राज्य सरकार द्वारा 90 प्रतिशत मांगें स्वीकार करने के बाद सोमवार शाम को नासिक से आए किसानों का आंदोलन समाप्त हो गया। इस दौरान प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती थी कि किसानों के लौटने की व्यवस्था कैसे की जाए। इस मामले में आखिरकार एक बार फिर रेलवे काम आई। आंदोलन समाप्त होने की घोषणा के साथ ही मध्य रेलवे ने अतिरिक्त रैक की मदद से दो विशेष ट्रेनें और नियमित ट्रेनों में अतिरिक्त अनारक्षित कोच जोड़कर किसानों को रवाना किया।
आमतौर पर आरक्षित टिकटों पर यात्रियों से ‘सब्सिडी’ का अहसान जताने वाली रेलवे ने आंदोलनकारी किसानों के लिए उदारता दिखाई। मध्य रेलवे द्वारा भुसावल के लिए रात 8:50 बजे 13 डिब्बों की और रात 10 बजे 18 डिब्बों की दूसरी विशेष ट्रेन का इंतजाम किया गया। इन दोनों ट्रेनों में आंदोलनकारी किसानों के लौटने की निशुल्क व्यवस्था की गई। 

ट्रेनों में लगाये गए अतिरिक्त कोच 

इसके अलावा शाम 6:15 बजे मनमाड़ के लिए पंचवटी एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त कोच और 6:45 बजे राज्यरानी एक्सप्रेस में किसानों के लिए व्यवस्था की गई थी। इन विशेष ट्रेनों के अलावा रेलवे ने रात 9:30 बजे हावड़ा मेल और 9:45 बजे दादर-शिरडी एक्सप्रेस में एक-एक अतिरिक्त अनारक्षित कोच जोड़कर अधिकतम किसानों के लौटने की व्यवस्था की। ट्रेनों से अपने घर को जाते हुए किसानों के लिए रेलवे ने उनके खाने-पीने का भी कुशल इंतजाम किया। 

भीड़ नियंत्रण में सुरक्षा बलों ने दिखाई समझदारी 

आमतौर पर सामान्य डिब्बों में सवार होने वाले यात्रियों को अनुशासित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बलों को सख्ती बरतनी पड़ती है लेकिन सोमवार शाम घरों को लौट रहे किसानों के प्रति सुरक्षा बलों ने समझदारी से काम लिया। मुंबई मंडल के वरिष्ठ सुरक्षा आयुक्त सचिन भलोदे के अनुसार, ‘तीन-चार दिन से नोटिस किया जा रहा है कि आंदोलन के लिए मुंबई पहुंचे किसान शांतिपूर्ण ढंग से विरोध जता रहे थे। इसलिए लौटते समय उन्हें नियंत्रित करने में कोई परेशानी नहीं आई। किसानों को ट्रेनों में सवार करने के लिए जवानों को मदद करने के निर्देश दिए गए थे।’ 

मदद के लिए आगे आया एसटी महामंडल 

आंदोलन समाप्त होने की घोषणा के बाद रेलवे के अलावा स्टेट ट्रांसपोर्ट (एसटी) महामंडल ने भी किसानों के लिए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की। महामंडल द्वारा आजाद मैदान के बाहर 15 बसों की व्यवस्था की गई, जिससे किसानों को गंतव्य तक पहुंचाया गया। इस बारे में एसटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि किसानों के लिए बसों का इंतजाम किया गया है और अगर मांग बढ़ती है तो किसानों के लिए और बसों का इंतजाम किया जाएगा।
Source-Nav Bharat

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